मेघदूतम् · कालिदास · 1.49

मेघदूतम् · कालिदास · 1.49

दशपुर · the eyes of the town

तामुत्तीर्य व्रज परिचितभ्रूलताविभ्रमाणां

ता
मु
त्ती
र्य
व्र
ज
प
रि
चि
त
भ्रू
ल
ता
वि
भ्र
मा
णां

पक्ष्मोत्क्षेपादुपरिविलसत्कृष्णशारप्रभाणाम्

प
क्ष्मो
त्क्षे
पा
दु
प
रि
वि
ल
स
त्कृ
ष्ण
शा
र
प्र
भा
णाम्

कुन्दक्षेपानुगमधुकरश्रीमुषामात्मबिम्बं

कु
न्द
क्षे
पा
नु
ग
म
धु
क
र
श्री
मु
षा
मा
त्म
बि
म्बं

पात्रीकुर्वन् दशपुरवधूनेत्रकौतूहलानाम्

पा
त्री
कु
र्व
न्द
श
पु
र
व
धू
ने
त्र
कौ
तू
ह
ला
नाम्