मेघदूतम् · कालिदास · 2.11

मेघदूतम् · कालिदास · 2.11

अलका · the night's road read at sunrise from what fell

गत्युत्कम्पादलकपतितैर्यत्र मन्दारपुष्पैः

ग
त्यु
त्क
म्पा
द
ल
क
प
ति
तै
र्य
त्र
म
न्दा
र
पु
ष्पैः

पत्रच्छेदैः कनककमलैः कर्णविभ्रंशिभिश्च

प
त्र
च्छे
दैः
क
न
क
क
म
लैः
क
र्ण
वि
भ्रं
शि
भि
श्च

मुक्ताजालैः स्तनपरिसरश्छिन्नसूत्रैश्च हारैः

मु
क्ता
जा
लैः
स्त
न
प
रि
स
र
श्छि
न्न
सू
त्रै
श्च
हा
रैः

नैशो मार्गः सवितुरुदये सूच्यते कामिनीनाम्

नै
शो
मा
र्गः
स
वि
तु
रु
द
ये
सू
च्य
ते
का
मि
नी
नाम्